आज मैं आपको एक कड़वा सच बताना चाहता हूँ। ज़्यादातर नए लोग शेयर बाज़ार में पैसा क्यों डुबाते हैं? क्योंकि वो सिर्फ यह देखते हैं कि “अरे वाह! कल शेयर ₹100 का था, आज ₹110 का हो गया, जल्दी खरीद लो।” लेकिन वो यह देखना भूल जाते हैं कि उस शेयर के पीछे जो कंपनी खड़ी है, वो असल में कुछ पैसे कमा भी रही है या नहीं? और यहीं पर एंट्री होती है शेयर बाज़ार के सबसे पावरफुल नंबर की, जिसे हम EPS (Earnings Per Share) कहते हैं।
EPS क्या होता है? (What is EPS?)
EPS का हिंदी में मतलब होता है— प्रति शेयर आय (मुनाफ़ा)।
आसान भाषा में, अगर आपने किसी कंपनी का 1 शेयर खरीदा है, तो उस 1 शेयर पर कंपनी ने 1 साल के अंदर असल में कितने रुपये का शुद्ध मुनाफ़ा (Net Profit) कमाया है, उसे EPS कहते हैं।
EPS कैसे निकाला जाता है?
मान लीजिए ‘ABC’ नाम की एक कंपनी है। इस साल उसने टैक्स और सब कुछ चुकाने के बाद 1000 रुपये का शुद्ध मुनाफ़ा कमाया। और बाज़ार में उस कंपनी के कुल 100 शेयर मौजूद हैं।
- EPS = 1000 रुपये (मुनाफ़ा) / 100 (कुल शेयर) = 10 रुपये।
यानी इस कंपनी का EPS 10 है। इसका मतलब, हर एक शेयर ने कंपनी को 10 रुपये कमा कर दिए हैं।
EPS क्यों सबसे ज़्यादा ज़रूरी है? (The Real Magic 🪄)
शेयर बाज़ार का एक बहुत ही अटल नियम है— “शेयर की कीमत हमेशा कंपनी की कमाई (Earnings) के पीछे भागती है।” मैंने अपने अनुभव में देखा है कि जिस भी कंपनी का EPS हर साल लगातार बढ़ रहा होता है (चाहे 15% से बढ़े या 20% से), उसका शेयर प्राइस भी उसी रफ्तार से ऊपर की तरफ भागता है। अगर कंपनी का EPS गिर रहा है, तो कोई भी ऑपरेटर उसे लंबे समय तक ऊपर नहीं रोक सकता, वो शेयर क्रैश होना ही है!
क्या चेक करें? (Stock Shorts Action Plan):
कभी भी सिर्फ एक साल का EPS मत देखिए। निवेश करने से पहले Screener.in जैसी वेबसाइट पर जाइए और देखिए कि क्या कंपनी का EPS पिछले 3 या 5 सालों से लगातार ऊपर जा रहा है? अगर हाँ, तो वो कंपनी एक ‘वेल्थ क्रिएटर’ बन सकती है।
निष्कर्ष:
दोस्तों, किसी भी कंपनी का शेयर खरीदने से पहले हमेशा खुद से पूछें: “क्या यह कंपनी मेरे 1 शेयर पर कुछ कमा भी रही है?” जिस दिन आप न्यूज़ को छोड़कर EPS देखना शुरू कर देंगे, उस दिन से आपका पोर्टफोलियो हरे (Green) निशान में रहने लगेगा।
✍️ By Rishabh Singh | Stock Shorts
(Disclaimer: शेयर बाज़ार में निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। यह लेख सिर्फ एजुकेशन के लिए है। किसी भी शेयर को खरीदने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें।)