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Dividend Yield क्या है? (बिना शेयर बेचे हर साल बैंक खाते में ‘फिक्स कमाई’ कैसे पाएं!)

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नमस्कार दोस्तों! ‘Stock Shorts’ के एक और बेहद शानदार और ‘पैसे बनाने वाले’ आर्टिकल में मैं, ऋषभ, आपका स्वागत करता हूँ।

शेयर बाज़ार में ज़्यादातर लोगों को लगता है कि पैसा सिर्फ तब बनता है जब आप ₹100 का शेयर खरीदकर उसे ₹150 में बेचते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में ऐसे लाखों स्मार्ट इन्वेस्टर्स हैं जो अपने शेयर कभी बेचते ही नहीं, फिर भी उन्हें हर साल बिना कुछ किए लाखों रुपये की कमाई होती है!

यह जादू होता है ‘Dividend Yield’ (डिविडेंड यील्ड) की वजह से। आइए इस पैसिव इनकम (Passive Income) के सबसे बड़े सीक्रेट को ज़मीनी भाषा में समझते हैं।

Dividend (डिविडेंड) क्या होता है? 💸

जब कोई मज़बूत और पुरानी कंपनी एक साल में बहुत सारा शुद्ध मुनाफ़ा (Net Profit) कमाती है, तो उस मुनाफे का कुछ हिस्सा वह अपने शेयरहोल्डर्स (आपके और मेरे जैसे निवेशकों) के बैंक खाते में सीधे कैश के रूप में बाँट देती है। इसे ही डिविडेंड या ‘लाभांश’ कहते हैं।

Dividend Yield क्या है? (The Formula) 🧮

यह प्रतिशत (%) में यह बताता है कि आपने शेयर में जितना पैसा लगाया है, उसके मुकाबले कंपनी आपको एक साल में कितने प्रतिशत की फिक्स कमाई (डिविडेंड) दे रही है।

  • उदाहरण: मान लीजिए आपने ₹100 का एक शेयर खरीदा। एक साल बाद कंपनी ने आपको 1 शेयर पर ₹5 का डिविडेंड आपके बैंक में भेज दिया।
  • कैलकुलेशन: (5 / 100) × 100 = 5% Dividend Yield.
    (यानी आपने बैंक FD की तरह बिना शेयर बेचे 5% का फिक्स रिटर्न कमा लिया, और आपका शेयर तो आपके पास सुरक्षित है ही!)

Dividend Yield का ‘Trap’ (जाल) – सावधान रहें! 🚨

नए निवेशक अक्सर Screener पर जाकर सबसे ज़्यादा Dividend Yield (जैसे 10% या 12%) वाली कंपनियाँ खोज लेते हैं और सारा पैसा लगा देते हैं। यह एक बहुत बड़ा जाल (Trap) है!

कई बार कंपनी का बिज़नेस डूब रहा होता है और शेयर की कीमत ₹500 से गिरकर ₹50 रह जाती है। ऐसे में उसका डिविडेंड यील्ड अचानक बहुत ‘बड़ा’ दिखने लगता है।

Stock Shorts का मास्टरस्ट्रोक नियम 🏆:

हमेशा ऐसी ‘Large Cap’ या सरकारी (PSU) कंपनियों में निवेश करें जिनका बिज़नेस लगातार ग्रो कर रहा हो, जो कर्ज़ मुक्त हों और उनका डिविडेंड यील्ड 3% से 5% के बीच हो। (उदाहरण: ITC, Coal India, या Power Grid जैसी कंपनियाँ)।

निष्कर्ष:

डिविडेंड यील्ड लॉन्ग-टर्म निवेशकों का सबसे अच्छा दोस्त है। मंदी के समय जब बाज़ार गिरता है और पोर्टफोलियो लाल होता है, तब यही डिविडेंड का पैसा आपके चेहरे पर मुस्कान लाता है!

✍️ By Rishabh Singh | Stock Shorts

(Disclaimer: यह लेख वित्तीय शिक्षा के लिए है। केवल डिविडेंड देखकर शेयर न खरीदें, कंपनी के फंडामेंटल्स भी चेक करें।)

    Rishabh singh

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