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Dividend क्या होता है? सोते हुए पैसा कमाने का सबसे शानदार तरीका (Passive Income)

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नमस्कार दोस्तों! शेयर बाज़ार में पैसा कमाने के दो ही तरीके होते हैं— पहला, शेयर को सस्ते में खरीदकर महंगे में बेचना (Capital Appreciation)। और दूसरा तरीका है— ‘डिविडेंड’ (Dividend), जिसे दुनिया के सबसे अमीर निवेशक ‘पैसिव इनकम’ (Passive Income) यानी बिना कुछ किए पैसा कमाने की मशीन मानते हैं।

आज ‘Stock Shorts’ की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि डिविडेंड क्या होता है, कंपनियाँ इसे क्यों देती हैं, और आप इससे बिना काम किए रेगुलर कमाई कैसे कर सकते हैं।

डिविडेंड (Dividend) क्या होता है?

आसान भाषा में, डिविडेंड कंपनी के ‘मुनाफे का हिस्सा’ (Share of Profit) होता है।

जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं, तो आप उसके बिज़नेस में हिस्सेदार बन जाते हैं। साल के अंत में जब कंपनी अपना पूरा खर्च और टैक्स निकाल लेती है और उसके पास भारी मुनाफ़ा (Net Profit) बचता है, तो वह उस मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों (Shareholders) में बाँट देती है। इसी बाँटे गए पैसे को ‘डिविडेंड’ कहते हैं।

यह पैसा सीधे आपके बैंक खाते (Bank Account) में जमा होता है, डीमैट अकाउंट में नहीं!

कंपनियाँ डिविडेंड क्यों देती हैं?

ज़्यादातर बड़ी और पुरानी कंपनियाँ (जैसे ITC, Coal India, TCS) जिनका बिज़नेस अब बहुत स्थिर (Stable) हो चुका है, वे डिविडेंड देती हैं। वे ऐसा इसलिए करती हैं ताकि:

  1. उनके निवेशकों का भरोसा बना रहे।
  2. बाज़ार गिरने पर भी निवेशक उनके शेयर बेचकर न भागें (क्योंकि उन्हें पता है कि हर साल बैंक खाते में पैसा आने ही वाला है)।

डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) क्या है?

यह डिविडेंड नापने का एक तरीका है। मान लीजिए किसी शेयर की कीमत ₹100 है और वह कंपनी साल में ₹5 का डिविडेंड देती है, तो उसका ‘डिविडेंड यील्ड’ 5% हुआ। भारत में कई सरकारी कंपनियाँ (PSU Stocks) जैसे ONGC या Power Grid निवेशकों को 6% से 8% तक का डिविडेंड यील्ड देती हैं, जो बैंक FD के रिटर्न से भी ज़्यादा है!

क्या सिर्फ डिविडेंड के लिए शेयर खरीदना सही है?

बिल्कुल नहीं! यह एक बहुत बड़ी गलती है। किसी भी कंपनी का शेयर सिर्फ इसलिए न खरीदें क्योंकि वह बहुत ज़्यादा डिविडेंड दे रही है। कई बार घाटे वाली कंपनियाँ भी निवेशकों को फंसाने के लिए डिविडेंड दे देती हैं। हमेशा कंपनी के फंडामेंटल्स (जैसे उस पर कर्ज़ कितना है और बिज़नेस कैसा है) ज़रूर चेक करें।

निष्कर्ष (Conclusion):

एक अच्छी डिविडेंड देने वाली कंपनी आपके पोर्टफोलियो में एक ‘सोने का अंडा देने वाली मुर्गी’ की तरह होती है। शेयर की कीमत बढ़ने से आपको फायदा होता ही है, साथ ही हर साल बैंक में आने वाला फ्री का पैसा आपकी ‘पैसिव इनकम’ को लगातार बढ़ाता रहता है।

✍️ By Rishabh Singh | Stock Shorts

(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना और वित्तीय साक्षरता उद्देश्यों के लिए है। शेयर बाज़ार में निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपनी रिसर्च ज़रूर करें।)

 

    Rishabh singh

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