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ROE और ROCE क्या है? (मज़बूत कंपनियों को पहचानने का वॉरेन बफे का सबसे सीक्रेट फॉर्मूला)

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नमस्कार दोस्तों! मैं आपका दोस्त ऋषभ, ‘Stock Shorts’ के इस फंडामेंटल एनालिसिस मास्टरक्लास में आपका स्वागत करता हूँ।

जब आप Screener जैसी वेबसाइट पर किसी कंपनी को चेक करते हैं, तो वहां बहुत सारे नंबर होते हैं। लेकिन वॉरेन बफे (Warren Buffett) जैसे दिग्गज निवेशक पूरी बैलेंस शीट में सिर्फ दो ऐसे ‘जादुई नंबर’ खोजते हैं जो यह बता देते हैं कि कंपनी का मैनेजमेंट असल में कितना काबिल है। वो दो नंबर हैं— ROE और ROCE

आइए इन्हें एकदम देसी भाषा में डिकोड करते हैं।

1. ROE (Return on Equity) क्या है? 💰

‘इक्विटी’ का मतलब होता है मालिकों (शेयरहोल्डर्स) का खुद का पैसा। ROE यह बताता है कि कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स के पैसों का इस्तेमाल करके एक साल में कितने प्रतिशत (%) मुनाफ़ा कमाया।

  • उदाहरण: मान लीजिए आपने और मैंने मिलकर 100 रुपये लगाकर एक दुकान खोली (यह हमारी Equity है)। एक साल बाद हमने उस दुकान से 15 रुपये का शुद्ध मुनाफ़ा कमाया।
  • ROE: 15% (क्योंकि 100 रुपये पर 15 रुपये कमाए)।
  • Stock Shorts Rule: हमेशा ऐसी कंपनी चुनें जिसका ROE लगातार 5 सालों तक 15% या उससे ज़्यादा हो।

2. ROCE (Return on Capital Employed) क्या है? 🏭

कई बार कंपनियाँ अपना खुद का पैसा (Equity) कम लगाती हैं और बैंक से कर्ज़ (Debt) बहुत ज़्यादा ले लेती हैं। ऐसे में उनका ROE तो अच्छा दिखता है, लेकिन हकीकत में उन पर भारी कर्ज़ होता है। इस ‘झोल’ को पकड़ने के लिए हम ROCE देखते हैं।

  • ‘Capital Employed’ का मतलब है कंपनी में लगा कुल पैसा (खुद का पैसा + बैंक का कर्ज़ दोनों)।
  • ROCE यह बताता है कि कंपनी ने इस ‘टोटल पैसे’ पर कितना मुनाफ़ा कमाया।
  • Stock Shorts Rule: एक मज़बूत कंपनी का ROCE भी हमेशा 15% से ज़्यादा होना चाहिए और यह उसके ROE के आस-पास ही होना चाहिए।

निष्कर्ष:

दोस्तों, सिर्फ ‘सस्ता’ शेयर मत ढूंढिए। अगर कोई कंपनी आपके पैसों पर (ROE) और बैंक के पैसों पर (ROCE) लगातार 20% का रिटर्न निकाल कर दे रही है, तो वह कंपनी शेयर बाज़ार का ‘सोना’ (Gold) है। इसे ही असली कंपाउंडिंग मशीन कहते हैं!

✍️ By Rishabh Singh | Stock Shorts

(Disclaimer: यह लेख वित्तीय शिक्षा के लिए है। किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसके पूरे फंडामेंटल्स की जांच ज़रूर करें।)

 

    Rishabh singh

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